विद्युत धारा का चुम्बकीय प्रभाव - विद्युत मोटर, जनरेटर तथा फ्लेमिंग के नियम चुम्बकीय क्षेत्र (Magnetic Field):- चुम्बकीय क्षेत्र (Magnetic Field) किसी चुम्बक या धारावाही चालक के चारों ओर वह क्षेत्र, जिसमें उसके चुम्बकीय प्रभाव (आकर्षण/प्रतिकर्षण बल) का अनुभव किया जा सके, चुम्बकीय क्षेत्र कहलाता है। इसे B से दर्शाते है तथा इसका मात्रक टेस्ला (T) होता है। चुम्बकीय क्षेत्र एक सदिश राशि (vector quantity) है। On this Page: चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ (Magnetic Field Lines):- चुम्बक के चारों ओर वे काल्पनिक रेखाएँ जो चुम्बकीय क्षेत्र की दिशा दर्शाती है, चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ कहलाती है। इनके गुण - 1. चुम्बक के बाहर ये उत्तरी ध्रुव (N) से दक्षिणी ध्रुव (S) की ओर तथा चुम्बक के अंदर दक्षिणी ध्रुव से उत्तरी ध्रुव की ओर चलती है, अर्थात् ये सदैव बंद वक्र (closed curves) होती है। 2. दो चुम्बकीय क्षेत्र रेखाएँ कभी एक-दूसरे को नहीं काटती। 3. जहाँ रेखाएँ पास-पास होती है, वहाँ चुम्बकीय क्षेत्र प्रबल (strong) होता है तथा जहाँ दूर-दूर होती है, वहाँ क्षेत्र दुर्बल (weak) होता है। धारावाही ...
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