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ICT syllabus in hindi

  3rd grade level 2 syllabus  सूचना तकनीकी (ICT) सूचना तकनीकी :-    10 अंक • सूचना प्रौद्योगिकी के आधार • सूचना प्रौद्योगिकी उपकरण (टूल्स) • सूचना प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग • सूचना प्रौद्योगिकी के सामाजिक प्रभाव Tag :-  Third grade teacher syllabus in hindi ICT Syllabus in hindi  REET ICT 

अध्यापक लेवल प्रथम एवं लेवल द्वितीय के पदों पर सीधी भर्ती हेतु प्रतियोगी परीक्षा योजना एवं पाठ्यक्रम विवरण (सिलेबस) जारी कर दिया गया है

अध्यापक, लेवल-प्रथम व लेवल-द्वितीय के पदों पर सीधी भर्ती हेतु प्रतियोगी परीक्षा योजना (Scheme) एवं पाठ्य विवरण (Syllabus) 1. परीक्षा 300 अंकों की होगी। 2. परीक्षा के लिए एक प्रश्न पत्र होगा।  3. प्रश्न पत्र की समयावधि 02 घण्टे 30 मिनिट होगी।  4. प्रश्न पत्र में कुल 150 प्रश्न होंगे। समस्त प्रश्न बहु विकल्पी प्रश्न होंगे।  5. उत्तरों के मूल्यांकन में नकारात्मक अंकन होगा। प्रत्येक गलत उत्तर के लिए, उस विशिष्ट प्रश्न के लिए विहित अंको का एक तिहाई भाग काटा जाएगा। स्पष्टीकरण : गलत उत्तर से अशुद्ध उत्तर या एक से अधिक उत्तर अभिप्रेत है।  प्रश्न पत्र का पाठ्य विवरण और विस्तार : परीक्षा के लिए प्रश्न पत्र का पाठ्य विवरण और विस्तार ऐसा होगा जो प्राधिकृत अभिकरण द्वारा समय-समय पर विहित किया जाएगा और अभ्यर्थियों को समय के भीतर, ऐसी रीति से, जो आयोग उचित समझे, सूचित किया जाएगा।  प्रश्न पत्र में सम्मिलित विषय एवं अंक भार निम्नानुसार होंगे : 1. अध्यापक, लेवल-प्रथम (कक्षा-01 से 05 तक के लिए)  i. राजस्थान का भौगोलिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक ज्ञान -     90 अंक...

राजस्थान में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलें - कृषि प्रबंधन for reet

पिछली पोस्टों में हमने कृषि प्रबंधन के topic को  Reet syllabus  के अनुसार तैयार कर रहे है,  तो  आज हम कृषि प्रबंधन में राजस्थान में उगाई जाने  वाली प्रमुख फसलें के बारे में पड़ेंगे तो पोस्ट को  पूरा पढ़ें साथ ही अगर आपने कृषि प्रबंधन पार्ट - 1  और part - 2, part - 3  नहीं पढ़ा है तो उसका  लिंक नीचे दिया गया है तो उसे जरूर पढ़ें तो शुरुआत  करते हैं -  Part - 4  राजस्थान के विभिन्‍न जिलों में उगाई  जाने  वाली प्रमुख फसलें  क्र.म. फसल प्रमुख उत्पादक जिले  1 बाजार  अलवर, जयपुर, नागौर, जोधपुर सीकर, बाड़मेर  2 मक्का चित्तौड़गढ़, उदयपुर, भीलवाड़ा, बाँसवाड़ा, राजसमंद  3 ज्वार अजमेर, पाली, टोंक, भरतपुर, अलवर  4 चावल  हनुमानगढ़, बूंदी, कोटा, प्रतापगढ़, बाँसवाड़ा  5 ...

कृषि प्रबंधन में सिंचाई (sichai), फसल (phasal), अनाज (anaaj) के बारें में जानें

पिछली पोस्ट में हमने कृषि प्रबंधन के topic को Reet syllabus  के अनुसार तैयार कर रहे है,  तो आज कृषि प्रबंधन में कृषि पद्धति या खेती के चरण के बारे में पड़ेंगे तो पोस्ट को पूरा पढ़ें साथ ही अगर आपने कृषि प्रबंधन पार्ट - 1 और part - 2 नहीं पढ़ा है तो उसका लिंक नीचे दिया गया है तो उसे जरूर पढ़ें तो शुरुआत करते हैं -  Part - 3  Contents [ hide ] सिंचाई करना  खेत में फसल के उगने एवं खाद मिलाने के पश्चात्‌ किसान क्या करता है? किसान फसल को पानी पिलाता है। जिस प्रकार हमें भोजन के साथ जल की आवश्यकता होती है उसी प्रकार फसल को भी वृद्धि एवं फलित होने के लिए जल की आवश्यकता होती है। कई प्रकार के कृत्रिम साधनों द्वारा समय-समय पर फसल को जल की आवश्यकता की पूर्ति करना सिंचाई कहलाता है।   सिंचाई (sichai) से फसल को लाभ बीज अंकुरण के लिए । वाष्पोत्सर्जन क्रिया हेतु पत्तियों को जल की आपूर्ति करना । जल के द्वारा विभिन्‍न पोषक तत्त्व पौधे के विभिन्‍न भागों तक पहुँचते हैं । पौधे की वृद्धि एवं विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका । सिंचाई हेतु जल के स्रोत नदी, त...
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