20th livestock census rajasthan,pashudhan,pashumitra,pashudhan vikas mission,rajasthan police constable exam 2020
Also Read
20th livestock census in rajasthan
👉राजस्थान सहित समस्त देश में 20वीं पशुगणना 1 अक्टूबर, 2018 से प्रारंभ की गई। 20वीं परशुगणना के देशव्यापी ऑकड़े 16 अक्टूबर, 2019 को जारी किये गये। 20वीं पशुगणना के ऑँकड़ों के अनुसार राजस्थान में कुल पशुधन 568.01 लाख (56.8 मिलियन या 5.68 करोड़) है जो कि वर्ष 2012 के कुल पशुधन से 1.61% कम है। अर्थात् 2019 में 2012 की पशुसंख्या 577.32 लाख की तुलना में राज्य में कुल 9.31लाख (1.61%) पशु कम हुए हैं जिसका कारण यहाँ बार-बार पड़ने वाले अकाल हैं ।
👉पशुधन के मामले में राज्य 2012 की तरह ही देश में उत्तरप्रदेश के बाद दूसरे स्थान पर है। यहाँ देश के कुल पशुधन का 10.58% है। उत्तप्रदेश में देश के पशुधन का 12.61% है। राजस्थान में 2018 में पशुधनत्व 166 प्र्ति वर्ग किमी, रह गया है जो 2012 में प्रति हजार 169 था। प्रति हजार जनसंख्या ( 2011) के पीछे प्रदेश में 828 पंशु हैं। राज. आर्थिक समीक्षा 2019-20 के अनुसार राज्य में 2019 में कुल पशु 567.76 लाख थे ।जो की 2012 की पशु संख्या से 1.66% कम हैं।
20वीं पशुगणना रिपोर्ट के अनुसार
| पशु | संख्या | राज्य के कुल पशुधन का % | देश में पशुओं का % | राज्य का देश में स्थान | देश में प्रथम |
|---|---|---|---|---|---|
| गौवंश | 13937630 | 24.54% | 7.20% | छठा | प. बंगाल |
| भैंस | 13693316 | 24.11% | 12.47% | दुसरा | उत्तरप्रदेश |
| बकरी | 20840203 | 36.69% | 14.00% | प्रथम | राजस्थान |
| भेंड | 7903857 | 13.92% | 10.64% | चौथा | तेलंगाना |
| ऊँट | 212739 | 0.37% | 84.43% | प्रथम | राजस्थान |
| सुअर | 154808 | 0.27% | 1.71% | 17वाॅ | असम |
| घोड़े | 33679 | 0.06% | 9.84% | तीसरा | उत्तरप्रदेश |
| गधे | 23374 | 0.04% | 18.91% | प्रथम | राजस्थान |
| खच्चर | 1339 | - | 1.59% | नवाॅ | उत्तराखंड |
| राज्य में कुल पशु | 56800945 | 100% | 10.58% | दुसरा | उत्तरप्रदेश |
✍नोट- ये आँकड़े 20वीं पशुगणना रिपोर्ट से लिये गये हैं।
pashumitra पशुधन विकास मिशन 2020 की ऑफिशियल साइट नीचे दी गई है
👇👇👇👇👇👇👇👇👇
Click here
Click here
👉पशुधन विकास मिशन:-
- पशु सुरक्षा
- पशुपालन
- पशुपालक
- मुर्गी पालन
- बकरी पालन
- मछली पालन
- जैविक खेती
- जैविक खाद
वर्ष 2018-19 में पशु उत्पाद
| पशु उत्पाद | इकाई | राजस्थान | भारत | राजस्थान का देश के कुल उत्पादन में भाग | राजस्थान का देश में स्थान |
|---|---|---|---|---|---|
| दुग्ध उत्पादन | मिलियन टन | 23.67 | 187.75 | 12.60% | उत्तरप्रदेश के बाद द्वितीय |
| ऊन उत्पादन | मिलियन किग्रा. | 14.52 | 40.42 | 35.9% | प्रथम |
| अंडा उत्पादन | बिलियन संख्या | 1.66 | 103.32 | 1.61% | राजस्थान 15वें स्थान पर |
| मांस उत्पादन | लाख टन | 1.92 | 81.1 | 2.34% | राजस्थान 12वें स्थान पर |
उपरोक्त तालिका के अध्ययन से स्पष्टत: ज्ञात होता है कि राजस्थान में 2019 में गौवंश एवं भैंस वंश को छोड़कर शेष सभी पशुओं की संख्या में कमी हुई है। 2019 में जहाँ गौवंश 2012 की तुलना में 4.6% बढ़ा है, वहीं भैंसो में भी 5.53% की वृद्धि हुई है। राज्य में इस अवधि में सर्वाधिक कमी गधों में 71.31% हुई है अर्थात् उक्त 5 वर्ष की अवधि में गधे एक तिहाई से भी कम रह गये हैं। इसी प्रकार रेगिस्तान के जहाज के नाम से प्रसिद्ध व मरुस्थलीय क्षेत्र में सर्वाधिक उपयोगी पशु ऊँट की संख्या में भी 2019 में 34.7% की कमी हुईं है जो चिंताजनक है।
👉राज्य की 20वीं पशुगणना के अनुसार राज्य में कुल पशु 568.01 लाख पाये गये हैं जो वर्ष 2012 के कुल पशुओं (577.32 लाख) से 9.31 लाख (1.61%) कम हैं । जहाँ राजस्थान में पशुओं की संख्या में कमी हुई है वहीं मुर्गियों की संख्या में 82.23% की वृद्धि हुई है। अब राज्य में मुर्गियों की संख्या 146.23 लाख हो गई।
👉समस्त देश में 20वीं पशुगणना के अनुसार 2012 की तुलना में कुल पशु सम्पदा में 4.82% वृद्धि हुई है। सर्वाधिक % वृद्धि मिथुन में 29.52% हुई है। उसके बाद भेड़ों की संख्या में 14.13% एवं बकरियों की संख्या में 10.14% वृद्धि हुई है। गायों की संख्या मात्र 1.34% बढ़ी है और भैंसो की 1.06% बढ़ी है। दूसरी ओर देश में 61.23% गधे कम हुए है तथा घोड़ो की संख्या में 45.22% एवं ऊँटों की संख्या में 37.05%की कमी दृष्टिगोचर हुई है।
👉देश के कुल पशुधन का 95.78% ग्रामीण क्षेत्र में है एवं मात्र 4.22% शहरी क्षेत्रों पाया जाता हैं वर्ष 2012 की तुलना में 2019 में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल पशुधन में 4.56% की वृद्धि हुई है जबकि शहरी क्षेत्रों में 11.19% की वृद्धि हुई है।
👉राज्यवार आँकड़ों के अध्ययन से ज्ञात होता है कि 20वीं पंशुगणना में पशुधन में सर्वाधिक वृद्धि झारखंड राज्य में 30.81%, पश्चिमी बंगाल में 23.51%,तेलंगाना में 22.27% एवं आंध्रप्रदेश में 15.86% की वृद्धि हुई है, जबकि नागालैण्ड में सर्वाधिक % कमी 39.22% हुई है । इसी प्रकार त्रिपुरा में भी 31.93% पशु कम हुए हैं।
👉सम्पूर्ण भारत में कुक्कट संपदा 16.81%, की वृद्धि के साथ 851.81 मिलियन हो गई है। सर्वाधिक मुर्गियाँ तमिलनाडु में 14.18%,आंध्रप्रदेश में 12.67% एवं तेलंगाना में 9.39% हैं । राजस्थान का मुर्गियों की संख्या के लिहाज से देश में 17 वाँ स्थान है।
👉देश में विश्व के कुल गौवंश का 12.97%, भैंसों का 54.65%, भेड़ों का 6.18%, बकरियों का 14.40%, सूअरों का 9.37%, विश्व के कुल ऊँटों का 0.72%,घोड़ों का 0.56% एवं मुर्गियों का 3.73% है।
👉गौवंश में भारत का विश्व में ब्राजील के बाद द्वितीय व भैंसवंश में प्रथम स्थान है। भारत में विश्व का 8 प्रतिशत बोवाइन पशुधन है। विश्व में बोवाइन (गौपशु+भैंस+याक+मिथुन) पशुधन संख्या की दृष्टि से भारत का प्रथम स्थान है। बकरी वंश में चीन के बाद द्वितीय तथा भेड़ में चीन व ऑस्ट्रेलिया के बाद तृतीय स्थान है।
👉राज्य की 20वीं पशुगणना के अनुसार राज्य में कुल पशु 568.01 लाख पाये गये हैं जो वर्ष 2012 के कुल पशुओं (577.32 लाख) से 9.31 लाख (1.61%) कम हैं । जहाँ राजस्थान में पशुओं की संख्या में कमी हुई है वहीं मुर्गियों की संख्या में 82.23% की वृद्धि हुई है। अब राज्य में मुर्गियों की संख्या 146.23 लाख हो गई।
👉समस्त देश में 20वीं पशुगणना के अनुसार 2012 की तुलना में कुल पशु सम्पदा में 4.82% वृद्धि हुई है। सर्वाधिक % वृद्धि मिथुन में 29.52% हुई है। उसके बाद भेड़ों की संख्या में 14.13% एवं बकरियों की संख्या में 10.14% वृद्धि हुई है। गायों की संख्या मात्र 1.34% बढ़ी है और भैंसो की 1.06% बढ़ी है। दूसरी ओर देश में 61.23% गधे कम हुए है तथा घोड़ो की संख्या में 45.22% एवं ऊँटों की संख्या में 37.05%की कमी दृष्टिगोचर हुई है।
👉देश के कुल पशुधन का 95.78% ग्रामीण क्षेत्र में है एवं मात्र 4.22% शहरी क्षेत्रों पाया जाता हैं वर्ष 2012 की तुलना में 2019 में देश के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल पशुधन में 4.56% की वृद्धि हुई है जबकि शहरी क्षेत्रों में 11.19% की वृद्धि हुई है।
👉राज्यवार आँकड़ों के अध्ययन से ज्ञात होता है कि 20वीं पंशुगणना में पशुधन में सर्वाधिक वृद्धि झारखंड राज्य में 30.81%, पश्चिमी बंगाल में 23.51%,तेलंगाना में 22.27% एवं आंध्रप्रदेश में 15.86% की वृद्धि हुई है, जबकि नागालैण्ड में सर्वाधिक % कमी 39.22% हुई है । इसी प्रकार त्रिपुरा में भी 31.93% पशु कम हुए हैं।
👉सम्पूर्ण भारत में कुक्कट संपदा 16.81%, की वृद्धि के साथ 851.81 मिलियन हो गई है। सर्वाधिक मुर्गियाँ तमिलनाडु में 14.18%,आंध्रप्रदेश में 12.67% एवं तेलंगाना में 9.39% हैं । राजस्थान का मुर्गियों की संख्या के लिहाज से देश में 17 वाँ स्थान है।
👉देश में विश्व के कुल गौवंश का 12.97%, भैंसों का 54.65%, भेड़ों का 6.18%, बकरियों का 14.40%, सूअरों का 9.37%, विश्व के कुल ऊँटों का 0.72%,घोड़ों का 0.56% एवं मुर्गियों का 3.73% है।
👉गौवंश में भारत का विश्व में ब्राजील के बाद द्वितीय व भैंसवंश में प्रथम स्थान है। भारत में विश्व का 8 प्रतिशत बोवाइन पशुधन है। विश्व में बोवाइन (गौपशु+भैंस+याक+मिथुन) पशुधन संख्या की दृष्टि से भारत का प्रथम स्थान है। बकरी वंश में चीन के बाद द्वितीय तथा भेड़ में चीन व ऑस्ट्रेलिया के बाद तृतीय स्थान है।
👉ऊँट की दृष्टि से भारत का चाड, सोमालिया, सूडान, केन्या, नाइजर, आदि देशों के बाद 16वाँ स्थान है। कुक्कुट की दृष्टि से चीन, यूएसए, इंडोनेशिया, ब्राजील, ईरान व पाकिस्तान के बाद भारत विश्व में सातवें स्थान पर है।
Tag:-
20th livestock census,
livestock census 2019,
animal census,
20th livestock census report,
livestockcencus,
19th livestock census,
20th livestock census pdf,
Comments
Post a Comment
Content kesa laga jarur comment kre