Rajasthan general knowledge,India general knowledge, Rajasthan history,India history, rajasthan culture,indian culture,current affairs,book review and information,job notification,shopping,blog and my YouTube channel studyquake.in
Search This Blog
राजस्थान के लोक देवता/lok Deities of Rajasthan
Also Read
राजस्थान के लोक देवता
अलौकिक चमत्कारों से युक्त एवं वीरता पूर्ण कृत्यों वाले महापुरुष लोक देवता के रूप में प्रसिद्ध हुए । लोकदेवता से तात्पर्य उन महापुरुषों से है, जिन्होंने अपने वीरोचित कार्यों तथा दृढ़ आत्मबल द्वारा समाज में सांस्कृतिक मूल्यों की स्थापना, हिन्दू धर्म की रक्षा तथा जनहितार्थ अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। अत: ये अपनी अलौकिक शक्तियों एवं लोकमंगलकारी कार्यों हेतु लोक आस्था के प्रतीक हो गये तथा इन्हें जनसामान्य द्वारा दुःखहर्ता व मंगलकर्ता के रूप में पूजा जाने लगा। आज भी गाँव- गाँव में इनके ' थान ' देवल-देवरे, या चबूतरे लोक मानस के आस्था केन्द्र के रूप में विद्यमान हैं । जाति-पाति एवं छूआछूत से दूर. इन थानों पर सभी जाति एवं सम्प्रदायों के लोग इनको पूजने आते हैं । गाँव मे हारी-बीमारी में इनकी पूजा की जाती है व मनौतियाँ माँगी जाती हैं तथा उनके पूर्ण हो जाने पर रात्रि जागरण करवाया जाता है अथवा इनकी पड़ बँचवाई जाती है । मारवाड अँचल में इन पाँचों लोकदेवताओं- पाबूजी , हड़बूजी , रामदेवजी , गोगाजी एवं मांगलिया मेहा जी को पंच पीर माना गया हैं। राज्य के प्रमुख लोकदेवताओं का संक्षिप्त विवरण हम आगे की पोस्टों में पढ़ेगे।
Question of day:-
निम्नलिखित में से पाबूजी किस राजवंश से सम्बंधित थे?
पोस्ट को शेयर करे साथ ही comments कर बताये कि पोस्ट कैसी लगी।
Tag:-
राजस्थान के लोक देवता विकिपीडिया,
राजस्थान के लोक देवी,
राजस्थान के लोक देवता के प्रश्न उत्तर pdf,
राजस्थान के लोक देवता और देवियाँ,
राजस्थान के प्रमुख लोक देवता पर निबंध,
लोक देवता किसे कहते हैं,
राजस्थान के धार्मिक आंदोलन संत एवं लोक देवता,
राजस्थान के लोक देवता रामदेव जी,
राजस्थान के पंच पीर लोक देवता.
Comments
Post a Comment
Content kesa laga jarur comment kre