Parshuram Jayanti//परशुराम जयंती
👉निवास स्थान ➡महेंद्रगिरि
👉माता-पिता ➡महर्षि जमदग्नि व माता रेणुका
👉अस्त्र ➡परशु//फरसा
👉शिक्षा ➡महर्षि विश्वामित्र के आश्रम से
👉जीवन साथी ➡धारिणी
👉शास्त्र ➡ रामचरितमानस, भागवत पुराण, विष्णु पुराण
👉परशुराम एक ब्राह्मण ऋषि के यहां जन्मे थे। जो विष्णु का छठा अवतार कहलाए। उनका जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया को मध्यप्रदेश के इंदौर जिला में ग्राम मानपुर के जानापाव पर्वत में हुआ।
👉वे शस्त्रविद्या के महान गुरु थे। उन्होंने भीष्म, द्रोण व कर्ण को शिक्षा दी।
👉 इस बार परशुराम जयंती शनिवार 25 अप्रैल को बनाई जा रही हैं। आज ही के दिन भगवान परशुराम का जन्म मानाया जाता है क्योंकि वैशाख मास की शुक्ल तृतीया तिथि को माता रेणुका के गर्भ से उनका जन्म हुआ। साथ ही यह भी माना जाता है कि भगवान परशुराम का प्राकट्य काल प्रदोष काल है
👉निवास स्थान ➡महेंद्रगिरि
👉माता-पिता ➡महर्षि जमदग्नि व माता रेणुका
👉अस्त्र ➡परशु//फरसा
👉शिक्षा ➡महर्षि विश्वामित्र के आश्रम से
👉जीवन साथी ➡धारिणी
👉शास्त्र ➡ रामचरितमानस, भागवत पुराण, विष्णु पुराण
👉परशुराम एक ब्राह्मण ऋषि के यहां जन्मे थे। जो विष्णु का छठा अवतार कहलाए। उनका जन्म वैशाख शुक्ल तृतीया को मध्यप्रदेश के इंदौर जिला में ग्राम मानपुर के जानापाव पर्वत में हुआ।
👉वे शस्त्रविद्या के महान गुरु थे। उन्होंने भीष्म, द्रोण व कर्ण को शिक्षा दी।
👉 इस बार परशुराम जयंती शनिवार 25 अप्रैल को बनाई जा रही हैं। आज ही के दिन भगवान परशुराम का जन्म मानाया जाता है क्योंकि वैशाख मास की शुक्ल तृतीया तिथि को माता रेणुका के गर्भ से उनका जन्म हुआ। साथ ही यह भी माना जाता है कि भगवान परशुराम का प्राकट्य काल प्रदोष काल है
विश्व भर में फैली करोना बिमारी के कारण परशुराम जयंती लॉकडाउन का पालन करते हुये बनाई जायेगी। इस दिन भगवान परशुराम जयंती को पुरे देश में बड़ी धूम धाम से बनाई जाती है लेकिन अब की बार परशुराम जयंती घरों में रहकर बनाई जा ये गी।