गोगाजी, gogaji,
गोगाजी का जन्म कब हुआ है?
गोगाजी कौन थे?,
गोगाजी का विवाह कहां हुआ था ?
गोगाजी के कितने पुत्र थे?,
गोगा जी महाराज की मृत्यु कैसे हुई?,
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सांपों का देवता गोगाजी (gogaji) 📒 जीवन परिचय:- गोगाजी (गोगापीर)
चौहान वंशीय गोगाजी का जन्म 11वीं सदी में चुरू जिले के ददरेवा नामक स्थान पर जेवरसिंह-बाछल के घर हुआ। ददरेवा में इनके स्थान को शीर्षमेड़ी कहते हैं जहाँ हर वर्ष गोगाजी का मेला भर भरता है। | 📒 सांपों का देवता:- इन्हें सांपों का देवता माना जाता है । राजस्थान का किसान वर्षा के बाद हल जोतने से पहले गोगाजी के नाम की राखी ' गोगा राखड़ी ' हल और हाली, दोनो के बाँधता है । इन्हें सर्पदंश से बचाव हेतु पूजा जाता है | गोगाजी ने गौ- रक्षार्थ एवं मुस्लिम आक्रांताओं (महमूद गजनवी) से देश की रक्षार्थ अपने प्राण न्यौछावर कर दिये । इसलिए इन्हें लोकदेवता के रूप में पूजा जाने लगा। इन्हें जाहरपीर ' या ' गुग्गा ! के नाम से भी पूजा जाता है । 📒 अन्य महत्वपुर्ण बातें:- ⓵गोगाजी के ' थान ' खेजड़ी वृक्ष के नीचे होते हैं, जहाँ मूर्ति स्वरूप एक पत्थर पर सर्प की आकृति अंकित होती है ⓶ गोगाजी के जन्म स्थल ददरेवा को शीर्ष मेड़ी तथा समाधि स्थल ' गोगा मेड़ी ' (नोहर-हनुमानगढ़ ) को ' धुरमेडी 'भी कहते हैं । गोगामेड़ी में प्रतिवर्ष,भाद्पद् कृष्णा नवमी (गोगा नवमी…
गोगाजी की ऑल्डी सांचौर में कहा पर है सांचौर एक बहुत बड़ी तहसील है और सांचौर में कम से कम 10/15 छोटे छोटे गोगाजी के मंदिर स्थित है पर्यटकों के लिए शुलभ हो इसलिए पुरा एड्रेस सांचौर में स्थित छोटा सा गांव खिलेरीयों की ढाणी "झोटड़ा" में स्थित है।