Human Eye 2026 - Defects of Vision (Myopia, Hypermetropia, Presbyopia)
मानव नेत्र में कौन-कौन से दोष होते हैं?
नेत्र के दो मुख्य दोष क्या हैं?
नेत्र दोष क्या है, यह कितने प्रकार के होते हैं, दूर दृष्टि दोष के निवारण
Studyquake
Human Eye 2026 - Defects of Vision (Myopia, Hypermetropia, Presbyopia)
मानव नेत्र (Human Eye) एवं उससे संबंधित दोष तथा निवारण मानव नेत्र (Human Eye):- मानव नेत्र प्रकाशिक यंत्र की भांति कार्य करता है, जिसकी सहायता से हम अपने चारों ओर की वस्तुओं को देख पाते है। नेत्र में प्रकाश के अपवर्तन के कारण ही रेटिना पर वस्तु का प्रतिबिम्ब बनता है। मनुष्य की आँख गोलाकार होती है, जिसका व्यास लगभग 2.3 सेमी होता है। On this Page: आँख के प्रमुख भाग एवं उनके कार्य - क्र.स. भाग कार्य 1. कॉर्निया (Cornea) आँख का सबसे बाहरी पारदर्शी उभरा हुआ भाग, जहाँ से अधिकांश अपवर्तन होता है 2. आइरिस (Iris) आँख का रंगीन भाग, जो पुतली के आकार (size) को नियंत्रित करता है 3. पुतली (Pupil) आँख में प्रवेश करने वाले प्रकाश की मात्रा को नियंत्रित करती है 4. अभिनेत्र लेंस (Eye Lens) एक उत्तल लेंस, जो रेटिना पर वास्तविक व उल्टा प्रतिबिम्ब बनाता है 5. सिलियरी मांसपेशियां (Ciliary Muscles) अभिनेत्र लेंस की वक्रता (मोटाई) को बदलकर फोकस दूरी में परिवर्तन करती है 6. रेटिना (Retina) आँख का पर्दा, जिस पर वस्तु का वास्तविक व उल्टा प्रतिबिम्ब बनता है नोटः- रेटिना पर बना प्रतिबिम्ब वास्तविक व उल्टा होता है, फिर भी हम वस्तु को सीधा …