चुरू से तारानगर तक: नरेंद्र बुड़ानिया का राजनीतिक सफर
नरेंद्र बुड़ानिया की जीवनी: राजस्थान के चुरू जिले के इस वरिष्ठ कांग्रेसी नेता के जीवन, राजनीतिक करियर और उनकी उपलब्धियों के बारे में जानें।
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चुरू से तारानगर तक: नरेंद्र बुड़ानिया का राजनीतिक सफर
नरेंद्र बुड़ानिया
नरेंद्र बुड़ानिया
प्रारंभिक जीवन
राजनीतिक करियर
उपलब्धियां
विरासत
जन्म: 5 जुलाई 1956 पद: राजस्थान विधानसभा सदस्य (तारानगर) प्रसिद्धि: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जीवनसाथी: कनक बुड़ानिया (विवाह: 1980) बच्चे: 2 बेटे प्रारंभिक जीवन नरेंद्र बुड़ानिया का जन्म 5 जुलाई 1956 को राजस्थान के चुरू जिले के दूधवा खारा गाँव में हुआ था। उनके पिता का नाम स्वर्गीय चौधरी प्रताप सिंह बुड़ानिया था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गाँव के सरकारी स्कूल से प्राप्त की और बाद में चुरू के लोहिया पीजी कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय, जयपुर से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। 1974 और 1975 में वे लोहिया पीजी कॉलेज, चुरू में छात्र संघ के अध्यक्ष भी रहे। राजनीतिक करियर नरेंद्र बुड़ानिया ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत ग्राम पंचायत दूधवा खारा के सरपंच के रूप में की। वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वफादार सदस्य हैं और 1985 में पहली बार चुरू संसदीय क्षेत्र से लोकसभा के लिए चुने गए। उन्होंने 1985 से 1989 तक 8वीं लोकसभा में कांग्रेस पार्ट…